World

कई फीमेल्स मानती हैं कि साथ रहने वाली लड़कियों की पीरियड डेट हो जाती है सेम

नई दिल्ली (ईएमएस)। कई फीमेल्स मानती हैं कि जो लड़कियां साथ में ज्यादा वक्त बिताती हैं उनके पीरियड की डेट भी सेम हो जाती है। पीरियड सिंकिंग को मेंस्ट्रुअल सिंक्रॉनी, मॅकक्लिंटॉक इफेक्ट भी कहते हैं। माना जाता है कि जब एक महिला दूसरी ऐसी महिला के संपर्क में आती है, जिनको पीरियड हो रहा हो तो दोनों को मेन्स्ट्रुअल साइकल मैच करने लगती है। ऐसा इसलिए होता है कि शरीर से निकलने वाले फेरोमोन्स (एक तरह के बॉडी केमिकल) की वजह से होता है। यानी महिलाएं अगर यह मानती हैं कि वाकई उनकी पीरियड डेट मैच करने लगती है तो सही है। मार्था मॅकक्लिंटॉफ नाम की रीसर्चर ने 135 कॉलेज जाने वाली लड़कियों पर शोध किया। उनको साथ रखा गया इसके बाद उनकी साइकल्स सिंक हो गई।स्टडी में बाकी फैक्टर्स नहीं देखे गए बस यह देखा गया कि उनकी मंथली ब्लीडिंग कब शुरू हुई।

महिलाएं अगर यह मानती हैं कि वाकई उनकी पीरियड डेट मैच करने लगती है तो सही है।

साथ रहने वाली लड़कियों की पीरियड डेट हो जाती है सेम
साथ रहने वाली लड़कियों की पीरियड डेट हो जाती है सेम

पता लगा कि महिलाओं की पीरियड डेट वाकई एक सी हो गई। इसके बाद से ही इसे मॅकक्लिंटॉक इफेक्ट कहा जाने लगा। इसके बाद कई और स्टडीज में यह बात सामने आई कि साथ रहने से महिलाओं की पीरियड डेट सिंक हो जाती है। वहीं 2017 में हुई एक स्टडी में पता लगा कि 44 फीसदी पार्टिसिपेंट्स के पीरियड्स में सिंक्रॉनी पाई गई। यहां तक कि पीरियड सिंपटम्स जैसे मेंस्ट्रुअल माइग्रेन पर भी साथ रहने का असर पड़ा। इससे यह साबित होती है कि महिलाए बस एक-दूसरे की पीरियड डेट ही नहीं इससे कहीं ज्यादा प्रभावित करती हैं। हालांकि मेडिकल लिटरेचर के पास ऐसा कोई सॉलिड प्रूफ नहीं जो यह बात साबित कर सके। पीरियड डेट मैच करने वाली बात सदियों से महिलाओं के बीच है लेकिन मेडिकल साइंस ने एक रिसर्च के बाद इस पर बात करनी शुरू की।

Tags
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *